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पटना प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में इंदिरा गाँधी हृदय रोग संस्थान के रोगी कल्याण समिति की बैठक

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नागरिकों को सुगम, विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण एवं सृदृढ़ स्वास्थ्य-सेवा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: आयुक्त

मानक गुणवत्ता की दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आयुक्त ने दिया निदेश

इस वर्ष 22,954 रोगियों को ओपीडी एवं 3,136 रोगियों को आईपीडी सुविधा उपलब्ध करायी गई, 22,140 को ईसीजी जाँच की सुविधा

प्रबंधन में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने का आयुक्त ने दिया निदेश

पटना, मंगलवार, दिनांक 24.05.2022ः आयुक्त, पटना प्रमंडल-सह-अध्यक्ष, रोगी कल्याण समिति, इंदिरा गाँधी हृदय रोग संस्थान, पटना श्री कुमार रवि ने कहा है कि नागरिकों को सुगम, विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण एवं सृदृढ़ स्वास्थ्य-सेवा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे आज आयुक्त कार्यालय स्थित सभाकक्ष में संस्थान के रोगी कल्याण समिति की बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। आयुक्त श्री रवि ने कहा कि इंदिरा गाँधी हृदय रोग संस्थान राज्य में स्वास्थ्य और चिकित्सा कल्याण विभाग के तहत विशेष कार्डियक केयर के लिए राज्य का पहला अस्पताल है। यह सुपरस्पेशलिटि कार्डियोलॉजी हॉस्पिटल एकमात्र विशिष्ट सरकारी अस्पताल है। इसके सुचारू काम-काज एवं सुविधाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सभी को प्रतिबद्ध होना पड़ेगा। आयुक्त श्री रवि ने कहा कि विकसित बिहार एवं आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय में सभी के लिए उत्तम स्वास्थ्य सुविधा का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसे प्रभावी, कुशल एवं जवाबदेह प्रणाली से ही हासिल किया जा सकता है। आज के इस बैठक में आयुक्त श्री रवि ने इंदिरा गाँधी हृदय रोग संस्थान द्वारा *मरीजों के कल्याण* के लिए किए जा रहे कार्यों का जायजा लिया। रोगी कल्याण समिति द्वारा प्रस्तुत एजेंडा पर सदस्यों ने एक-एक कर चर्चा की। अस्पताल के प्रबंधन एवं संचालन पर विस्तृत विमर्श किया गया। मरीजों के हित में दवाओं एवं यंत्रों की उपलब्धता, ओपीडी तथा आईपीडी का संचालन, *नए भवन* में सामग्रियों का अधिष्ठापन, चिकित्सकों एवं कर्मियों की उपस्थिति, पदसृजन एवं आउटसोर्सिंग, संस्थान में जलापूर्ति, नियमित एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति, शौचालय, स्वच्छता सहित विभिन्न बिन्दुओं पर संस्थान के निदेशक-सह-सदस्य-सचिव, रोगी कल्याण समिति डॉ. सुनील कुमार द्वारा उपस्थापित प्रस्तावों पर समिति के सदस्यों ने चर्चा की।

निदेशक ने आयुक्त के समक्ष इंदिरा गाँधी हृदय रोग संस्थान के कार्याें एवं गतिविधियों पर दिनांक 01 जनवरी, 2022 से 20 मई, 2022 तक का बिन्दुवार प्रतिवेदन रखा। यह निम्नवत हैः-

आउटडोर रोगियों की संख्याः 22,954

इन्डोर रोगियों की संख्याः 3,136

जाँच की सुविधाः ईसीजी-22,140 ; ईसीएचओ-9,095 ; टीएमटी-756 ; हॉल्टर-339 ;
सीएजी-909 ; पीटीसीए-174, एक्स-रे-2,338; पैथोलोजी-24,584 ; कोविड-12,743

वर्तमान वर्ष में किए गए शल्य चिकित्सा का विवरणः परमानेन्ट पेसमेकर इम्प्लीमेंटेशन (पीपीआई)-397, टेम्पोरेरी पेसमेकर इम्प्लीमेंटेशन (टीपीआई)-457

प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना- आयुष्मान भारत-112संस्थान में कार्यरत चिकित्सकों की संख्याः 63 संस्थान में पेयजल की उपलब्धताः आउटडोर एवं वार्ड में फिल्टर संस्थापित है।

आयुक्त श्री रवि ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी प्रणाली की रीढ़ है, जो सभी नागरिकों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराती है। रोगियों की अधिकतम संतुष्टि सुनिश्चित करना एवं मरीज-केंद्रित सेवा सुलभ कराना सभी का दायित्व है। संस्थान इसे सुनिश्चित करे। संस्थान के निदेशक ने आयुक्त के संज्ञान में लाया कि

  • रोगी के कल्याण हेतु सरकार के द्वारा उपलब्ध मुख्यमंत्री राहत कोष, बाल हृदय योजना , प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना- आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय बाल सुरक्षा स्वास्थ्य कार्यक्रम योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों और बीपीएल कार्ड-धारक रोगियों के लिए पेसमेकर/बीएमवी/सीएमवी/वॉल्व रिप्लेसमेन्ट/सीएबीजी और कई अन्य कार्डियक प्रक्रियाओं के लिए मुफ्त जाँच एवं इलाज की जाती है।
  • शिशु हृदय चिकित्सा एवं शिशु हृदय शल्य चिकित्सा की सुविधाओं को उन्नत किया जा रहा है।
  • नये भवन में अस्पताल प्रारंभ होने से बेडों की कुल संख्या 250 है एवं संस्थान में दो अतिरिक्त कैथ लैब एवं दो अतिरिक्त ओटी की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
  • संस्थान में छः डीएम (कार्डियोलॉजी) डिग्री होल्डर एवं एक एमसीएच (सीटीवीएस) डिग्री होल्डर चिकित्सक कार्यरत हैं। इनके साथ-साथ हृदय रोग में प्रशिक्षण प्राप्त अनुभवी चिकित्सकों की एक टीम है।
  • सर्जिकल आईसीयु सुचारू रूपेण कार्यरत है।

*संस्थान में मरीजों को लगभग 160 प्रकार की दवायें एवं डिस्पोजेबल उपलब्ध करायी जा रही है।

*भर्ती मरीजों के बीच तीन पालियों में पथ्य का वितरण किया जा रहा है।

*आयुष्मान भारत के तहत लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। *आयुक्त श्री रवि ने कहा कि इंदिरा गाँधी हृदय रोग संस्थान आने वाले समय में हृदय रोगियों के लिए राज्य का सबसे बड़ा सरकारी संस्थान होगा* । उन्होंने संस्थान में कार्डियोलोजी शिक्षण, प्रशिक्षण एवं इलाज में सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्वीकृत पदो के विरूद्ध पदस्थापन हेतु विभाग के निदेशानुसार विहित प्रक्रिया का अनुपालन करने का निदेश दिया। उन्होंने बीएमएसआइसीएल को प्रदत्त दायित्वों का त्वरित गति से निष्पादन करने का निदेश दिया।

आयुक्त श्री रवि ने संस्थान की साफ-सफाई एवं बेहतर रख-रखाव सुनिश्चित करने को कहा ताकि मरीजों को उत्कृष्ट चिकित्सकीय वातावरण प्राप्त हो। आयुक्त श्री रवि ने प्रबंधन तथा कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में *पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व* सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आयुक्त श्री रवि ने कहा कि दक्ष चिकित्सकों, सक्षम पेशेवरों एवं समर्पित कर्मचारियों के द्वारा मरीजों के प्रति *मित्रवत वातावरण* का निर्माण किया जा सकता है एवं समाज के हर वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने संस्थान को इस दिशा में तत्परता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। इस बैठक में आयुक्त के साथ निदेशक, इंदिरा गााँधी हृदय रोग संस्थान डॉ. सुनील कुमार, क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी श्री सर्व नारायण यादव, क्षेत्रीय अपर निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं, सिविल सर्जन के प्रतिनिधि, उपमहाप्रबंधक, बीएमएसआईसीएल, रोगी कल्याण समिति के सदस्यगण तथा अन्य उपस्थित थे।

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