Home National फिजिकल के बाद कांग्रेस की डिजिटल मैराथन, आयोजन से जुड़ीं लाखों लड़कियां

फिजिकल के बाद कांग्रेस की डिजिटल मैराथन, आयोजन से जुड़ीं लाखों लड़कियां

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यूपी में ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ नारे के साथ चुनावी मैदान में उतरी कांग्रेस महिला सशक्तिकरण और राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए नए नए तरीके अपना रही है। घोषणापत्र और चुनावी वादों से इतर कांग्रेस ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ मैराथन के जरिये लाखों लड़कियों तक पहुंची और यह सिलसिला अब भी जारी है। फिजिकल रैलियों पर रोक लगने के बाद कांग्रेस अब डिजिटल मैराथन के जरिये लाखों छात्राओं तक पहुंच रही है।

महिलाओं को 40% टिकट, महिलाओं के लिए अलग से घोषणापत्र, छात्राओं को स्मार्टफोन और स्कूटी के अलावा भी कांग्रेस के पास महिलाओं के लिए बहुत कुछ है। लड़कियों के मैराथन में उमड़ रही भीड़ से कांग्रेस उत्साहित थी, लेकिन कोविड के चलते फिजिकल मैराथन रोकनी पड़ी। इसके बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने तय किया कि कांग्रेस अब डिजिटल रैलियों की तरह डिजिटल मैराथन भी कराएगी।

इसके लिए वेबसाइट और सोशल मीडिया पेजेज की मदद ली गई और अब तक इसके लिए 5 लाख लड़कियां रजिस्ट्रेशन करा चुकी हैं। यह संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस डिजिटल मैराथन में भी विजेता लड़कियों को स्कूटी और स्मार्टफोन दिया जाना है। कांग्रेस की कोशिश है कि वह चुनाव से पहले मैराथन के जरिये तमाम लड़कियों को स्मार्टफोन और स्कूटी दिला सके ताकि उसके वादे महज चुनावी न लगें।

महिला सशक्तिकरण के अभियान को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस पार्टी ने पंजाब में भी महिलाओं के लिए अलग घोषणापत्र लाने जा रही है। यूपी में लड़की हूं लड़ सकती हूं की तर्ज पर पंजाब में नारा दिया गया है ‘धी पंजाब दी, अपना हक जाणदी’।

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